पोषक तत्वों से भरपूर है कोकम, जाने क्या क्या है इसकी खूबियां एवं नुकसान और इसे कैसे करें इस्तेमाल | Uses, Benefits And Side-Effects Of Kokum

भारत में विभिन्न प्रकार के फलों की खेती की जाती है, जिनमे से कुछ फल के नामों ऐसे जिनसे हर कोई वाक़िफ़ है क्योंकि वो फल होते ही बहुत मशहूर है। वही इसके विपरीत यहाँ कुछ ऐसे फल भी पाए जाते हैं जो उतने विख्यात तो नही है लेकिन सेहत के मामले में काफी फायदेमंद होते है। 

उन्हीं फलों में से एक नाम कोकम का शामिल है जो गुजरात एवं गोवा में सबसे अधिक पाए जाते हैं और इसके दरख्तों को सदाबहार वृक्ष के नाम से जाना जाता है। ये एक प्रकार का औषधि फल है जिसे आयुर्वेद में वृक्षाम्ला नाम की प्राप्ति हुई है। कोकम का इस्तेमाल आयिर्वेदिक दवाएं एवं मसाला बनाने के लिए किया जाता है और साथ ही इस फल का शरबत भी तैयार किया जाता है जिसका स्वाद लाजवाब होता है। 

कोकम एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है जो स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी हैं। कोकम देखने में सेब की तरह ही लगता है पर इसका रंग बैगनी होता है और इसकी अंदरूनी परत बहूत मुलायम होती है जो काफी रसदार फल है और इसका स्वाद खट्टा होता है। कोकम में बहुत से ऐसे गुण पाए जाते हैं जो स्वास्थ के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। तो इस फल के बारे में विस्तार से जानने के लिए हमारे आज के इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ना जारी रखे। तो चलिए शुरू करते है। –

कोकम के फायदे :

कोकम एक गुणकारी फल है जिसके निम्नलिखित फायदे देखे गए है जो इस प्रकार से हैं। –

1) बवासीर के लिए –

बवासीर एक घातक बीमारी है जिससे बचने के लिए या या बीमारी हमसे दूर रहे इन दोनों स्थितियों में डाइट का ख्याल रखना बेहद आवश्यक माना जाता है। पौष्टिक खाद पदार्थ एक बेहतर स्वास्थ्य की चाभी के समान होते हैं। 

इसलिए अगर आप बवासीर के मरीज़ है तो आपको पौष्टिक भोजन के साथ साथ कुछ पौष्टिक फलों को भी अपने आहार का हिस्सा बनाना चाहिए। उन फलों में से एक नाम कोकम का भी शामिल है, दरसल कोकम के चूर्ण को मलाई में मिलाकर खाने से इस रोग को खत्म होने की सम्भावनाये बढ़ जाती है। 

2) प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में लाभकारी –

एक रिसर्च में ये पाया गया है की कोकम एंटी-बैक्टीरियल एवं एंटी- इंफ्लामेट्री से भरपूर होता है जो इम्युनिटी बढ़ाने में काफी मदद करता है। अगर आपकी प्रतिरोधक क्षमता मजबूत नही है तो इसके लिए आपको पोस्टिक आहार लेना चाहीए और फल सब्ज़ियों का भी सेवन अवश्य करना चाहिए। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए कोकम के फल को खाना या इसका जूस बनाकर इसे पीना बहुत फायदेमंद हो सकता है। 

3) स्वस्थ हृदय के लिए –

हृदय की समस्या आजकल कम उम्र में ही देखी जा रही है, जिसके बहुत से कारण हो सकते हैं। और ये बहुत ज़रूरी है की सही समय पर इसकी वजह जानी जाये और स्वास्थ्य का ख्याल रखा जाए। हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में कोकम महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कम  कैलोरी होने के कारण ये आपके दिल के लिए अच्छा माना जाता है और इसके साथ ही यह कोलेस्ट्रॉल लेवल को भी नियंत्रित करता है जिससे आपके दिल की सेहत अच्छी रहती है। 

4) स्वस्थ लीवर के लिए फायदेमंद –

कई बार हम कुछ भी खा लेते है जिसका सीधा असर हमारे लीवर पर पड़ता है और हमारे लीवर में सूजन हो जाता है या पेट दर्द की समस्या शुरू हो जाती है। अगर आप अपने लीवर को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो इसके लिए हरि सब्ज़ियों एवं रसदार फलों का सेवन करे। कोकम एक रसीला एवं पौष्टिक गुणों से भरपूर फल है जिसके सेवन से आपका लीवर स्वस्थ रहता है। 

5) मानसिक क्षमता बढ़ाने के लिए –

एक शोध में ये बात सामने आई है की कोकम न्यूरोप्रोटेक्टिव होता है इसलिए इसका सेवन स्मृति क्षमता बधाने में एवं मस्तिष्क को स्वस्थ रखने में बहुत उपयोगी होता है। आप इसे समान्य रूप में भी खा सकते है और इसका शरबत बना कर एक पेय पदार्थ के रूप में भी इसका सेवन कर सकते हैं ये दोनों तरह से कारगर होता है। 

6) तनाव कम करने में –

तनाव लेना हमारे तन और मन दोनों पर बहुत असर डालता है और कई बार इस समस्या का इलाज बहुत से खाद पदार्थों में छुपा होता है। उनमे से एक खाद पदार्थ फल के रूप में कोकम भी शामिल है, ऐसा माना जाता है की अगर आप तनाव से ग्रस्त है तो उस अवस्था में कोकम का फल खाना या इसका जूस बनाकर बीमा आपको इस समस्या से निजात दिला सकता है और आपका दिमाग थोड़ा हल्का हो जाता है। इसलिए बेहद ज़रूरी है की एक स्वस्थ मस्तिष्क एवं स्वस्थ शरीर के लिए पोषक तत्वों को अपने आहार में शामिल किया जाए। 

7) डायरिया के रोगी के लिए –

कोकम का फल पूर्ण रूप से तो डायरिया के इलाज की दवा नही है लेकिन इस स्थिति में इसक सेवन काफी लाभकारी सिद्ध होता है और कुछ हद तक डायरिया से बचने की संभवाना रहती है। इसलिए डायरिया के रोगी को कोकम का फल देना अच्छा माना जाता है। 

8) जलन से राहत –

अगर आपके शरीर के किसी हिस्से में जलन की समस्या है या फिर अचानक से आपके शरीर का कोई हिस्सा जल जाता है तो उस समय तुरन्त कोकम का तेल उन प्रभावित स्थानों पर लगाने से बहुत आराम मिलता है और दाग पड़ने की समस्या भी नही होती है। इसलिए अगर ऐसी की स्थिति पैदा होती है तो आपको जल्द से जल्द कोकम के तेल का प्रयोग करना चाहिए। 

9) वजन कम करने में कारगर –

स्वाद के साथ अगर कोई ऐसा खाद पदार्थ मिल जाए जो आपका वजन भी न बढ़ाये तो इससे अच्छी बात और क्या होगी। कोकम भी एक ऐसा ही फल है जो स्वादिष्ट होने के साथ साथ वजन कम करने में भी सहायक है। कोकम मे हाइड्रोक्सी साइट्रिक एसिड नाम का तत्व मौजूद होते है जो फ़ैटनेस कम करते है और बॉडी को फिट भी रखते है। कोकम मेटाबोलिज्म को बढ़ाता है कैलोरी की कम करता है। 

कोकम के उपयोग :

कोकम फल को निम्नलिखित तरह से उपयोग मे लाया जाता है जो इस प्रकार हैं। –

  1. कोकम के उपयोग का सबसे आसान तरीका इसे अन्य फलों की तरह खाना है, जी हां आप साधारण फलों की भाँति ही कोकम के चिल्के हटाकर इसका सेवन कर सकते हैं। 
  2. कोकम का प्रयोग सलाद में भी किया जाता है और कोकम की मौजूदगी सलाद की थाली को और आकर्षक बना देती है। 
  3. कोकम फल का शरबत बना कर इसे पेय पदार्थ के रूप में जूस की तरह पिया जा सकता है इसके जूस का स्वाद थोड़ा खट्टा मिठा लगेगा। इस जूस को आप घर पर तैयार कर सकते हैं। 
  4. आपने इस आर्टिकल के शुरुवात मे ही ये पढ़ा होगा की कोकम फल से मसालों का भी निर्माण किया जाता है। दरसल, मसाला बनाने के लिए इसके छिलको को उपयोग में लाया जाता है। इसके चिल्के को निकालकर धूप में सुखा कर इसे पिसा जाता है फिर मसालों के लिए उपयोग में लाते है। 
  5. कोकम फल का बटर भी आता है जिसका इस्तेमाल साबुन, लिप बाम जैसे ब्यूटी प्रोडक्ट्स बनाने मे किया जाता है। क्योंकि कोकम फल त्वचा के लिए भी बहुत उपयोगी माना जाता है। 
  6. कोकम फल का इस्तेमाल कई खाद पदार्थों में स्वाद एवं खटास बढ़ाने में किया जाता है। इससे खाने को एक फ्लेवर मिल जाता है। 

कोकम के नुकसान –

Kokum Side-effects

अब तक आपने कोकम से होने वाले कई फायदों के बारे में तो जान लिया होगा पर अब हम आपको इसके कुछ नुकसान के बारे में भी बतायेंगे, हालांकि इसके फायदों की अपेक्षा इसके नुकसान बहुत कम है लेकिन इनको भी जान लेना आवश्यक ताकि आप इस नुकसान के पात्र होने से बचे रहे। 

  1. यदि आपको किसी भी नई चीज से अक्सर एलर्जी हो जाती है तो इसके तेल का इस्तेमाल आपको बहुत सोच समझ कर करना चाहिए। आप इसे चेक करने के लिए तेल की कुछ बूंदों को अपनी हथेलियों पर लगा कर देख सकती है अगर कुछ नही हुआ तो अच्छा है और अगर एलर्जी होती है तो इसे लगाने से बचे। 
  2. गर्भावस्था में कोकम के तेल या कोकम का सेवन डाक्टर से सलाह मशवरा कर के ही करें। अपितु ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी हो सकता है। 
  3. दूध और कोकम का समावेश आंत सम्बन्धित समस्या खड़ा कर देता हौ इस्लिये इन दोनों का सेवन कभी भी साथ में न करें। 
  4. अगर आप पहले से किसी रोग के लिए दवा ले रहे हैं तो ऐसी स्थिति में भी चिकित्सक से परामर्श करके ही इसका प्रयोग करे। 
  5. ज़रूरत से अधिक कोई भी चीज अच्छी नही होती इसलिए एक सीमित मात्रा में ही कोकम का सेवन करें। 
  6. कफ़ के मरीजों को इसका सेवन नही करना चाहिए क्योंकि कोकम की तासीर ठण्डी होती है और इससे आपकी कफ की परेशानी और बढ़ती है। 

निष्कर्ष :

इस आर्टिकल में आपने एक ऐसे फल का बारे में जाना जिसका नाम आप में से कईयों के लिए नया हो सकता है। क्योंकि कोकम ने अन्य फलों की तरह उतनी प्रसिद्धि हासिल नही की है लेकिन इसके फायदे तमाम होते हैं, इसलिए कोकम बहुत गुणकारी माना जाता है और कई बिमारियाँ में भी इसका सेवन लाभकारी सिद्ध होता है। 

हालांकि इसके कुछ नुकसान भी है जिसे आपने इस लेख में जाना होगा। तो इसके सेवन से पहले उन बातों का ध्यान अवश्य रखे और इसके सेवन से पूर्व एक बात डाक्टर से राय लेना बेहतर हो सकता है। हम उम्मीद करते है कि आपको हमारा आज का ये आर्टिकल बेहद पसन्द आया होगा और यह आपके लिए बहुत लाभदायक सिद्ध होगा। ऐसे ही ज्ञानवर्धक जानकारी के लिए बने रहिए हमारे साथ धन्यवाद।

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